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She

Undone eyebrows, imperfect locks.

The irony of her story seems a treasure full of mocks.

Customarily crushed by destiny, still a soul full of hope.

Inspired by little things, she’s lost in her own thoughts.

A growing rebel princess with every step she walks.

#girl #motivated

मेरी प्रेरणा मेरे पापा

छोटी सी उम्र से उन्होंने परिवार अपना संभाला

खोज लिए आगे बढ़ने के रास्ते उस उम्र में,

जिस उम्र में हमने तो था बस होश संभाला

तय कर लेते थे साइकिल से लंबे-लंबे रास्ते

रुकते ना थे कभी वो,थकते ना थे कभी वो

चाहे हाथ छिले या  पैरो में पड़े छाले

जिस उम्र में बच्चे अपने ऐसोआराम की ख्वाहिश है रखते

उस उम्र में मेरे पापा,

अपने घरवालों की ख्वाइशों को पूरा करने में थे लगे

उम्र ही बिता दी मेरे पापा ने हमारी ख्वाइशो को पूरा करने में

देखते नहीं है वो,

पीछे मुड़के के अब तक कितने कठिन रास्ते वो है चले

हो शाम चाहे कितनी क्यों न थकान भरी

मेरे पापा ने,

हर सुबह खिलते सूरज की तरह हमारे लिए जगमगा दी

उन्हीं का दिया हर संस्कार और उपहार है

जो मिला मुझे,

ये सुंदर जीवन और सुखों से सम्पूर्ण संसार है

मेरे पापा की तरह मुझे भी मेहनत करनी है

अपनी हिम्मत और आत्मबल से,

सफलता की सीढ़ी चढ़नी है

कितना मुश्किल है मर कर जो जी जाए।

कितना मुश्किल है मर कर जो जी जाए।

जब आँखों से आंसुओं की धारा यूं ही बह जाए।

मन की पीड़ा किसी से बोलना चाहे पर बोल ही ना पाए।

कलम उठाए और दिल के जज्बात अगर लिख ही ना पाए।

कहने को हो हजारों शब्द पर बात जब जुबां से निकल ही ना पाए।

अपनों से लड़कर खुद ही टूट जाए।

  • कितना मुश्किल है मर कर जो जी जाए।
ख़्याल सी ख़्वाहिशें”

जब कुछ समझ नहीं आता तो अक्सर अपने कमरे की दीवारों को ताकते रहती हूँ, जैसे ये मुझे समझना चाहती हैं और कुछ कहना भी,ठीक वैसे ही जैसे तुम समझते हो मुझे, मेरी खामोशियों को, मेरे चेहरे को पढ़ने की तमाम कोशिशे कर देते हो, मेरे दु:ख की वजह जानने के लिए हठ करते हो और मैं जब बिना रूके तुम से एक सांस में अपना हाल कह देती हूँ, असंख्य सु:ख-दु:ख भरी बातें सब कुछ तुमसे कह देती हूँ, मन हल्का सा लगने लगता है, पर इन्हें मैं कुछ न कहना चाहती हूँ , इन चार दिवारों में बंधन सा महसूस करती हूँ, एक घुटन सी जो शायद सबकी समझ से परे है,कभी-कभी मन करता है मैं तुम्हारे साथ होने का एहसास साथ लिऐ चिड़िया बन मैं ये बंदिशें तोड़ कर उड़ जाऊँ बहुत दूर तक,और फिर कभी न लौटूँ। 🕊️💕

पुरुषों की मानसिकता

आज के समय में ये बहुत जरूरी है कि पुरुषों को महिलाओं को अपने साथ-साथ आगे बढ़ाना चाहिए अगर ऐसा होगा तो हमारा समाज बहुत जल्द ही विकसित देशो में से एक होगा।

मगर अफशोश ऐसा सोचना बहुत आसान है पर ऐसा होना बहुत मुश्किल सा ही नजर आता है।क्योंकि हमारे समाज ने पुरुषों की परवरिश ही इस तरह से की है कि वो कभी भी महिलाओं को अपनी बराबरी नहीं देख सकते पुरुषो के लिए महिलाये हमेशा उनकी नजरों में कम अक्ल और घर के काम-काज के लिए ही बनी है।

हालांकि आजकल महिलाएं हर काम में तरक्की कर रही है पर पुरुषों की मानसिकता अभी तक परिवर्तित नहीं हुई है।जो महिलाये घर के साथ-साथ बाहर भी कार्य करती है उन्हें अपने लिए समय ही नहीं मिल पाता है क्योंकि हमारे समाज में पुरुषों के लिए घर के काम करना बहुत ही शर्मनाक माना जाता है और अगर वो बाहर कार्य करते है वो बहुत ही गर्व की बात होती है जबकि महिलाओं के घर और बाहर दोनों जगह कार्य करने के बाबजूद उनका अस्तित्व फिर भी कई सवालों के दायरे में रहता है।

हालांकि कई पुरुष बदलते वक्त के हिसाब से अपनी मानसिकता में परिवर्तन लाए हैं और महिलाओं का बराबरी से साथ भी देते है चाहे वो घर का कार्य हो या बाहर का और ऐसे दोनों के एक साथ एक दूसरे का साथ देने से जीवन खुशनुमा होता है और खुशियां ही हमेशा हर इंसान को आगे बढ़ने में प्रेरित करती है।मानसिकता का बदलाव सच में हमारे देश की प्रगति का महत्वपूर्ण कारण बनेगा।

Do I deserve?

Deserving are the ones who think themselves to be undeserving,
They say.
Yet I fear it may be not.
What if we actually are not,
What if all those curses come true
Not in the sense they want it to
But in the way you fear it
Tears won’t wash way all the deeds
Who is the dinner
Let God decide
Whatever may come
I fear, it may not be in my favor
God please help me
I have suffered, but what if
Not enough.
All by the land, sky and waters
I stand,
Wishing something to less happen.
That’s all I pray for,
Maybe not.
All are greedy, so am I.