वह खाली पेट सोता है

वह खाली पेट सोता है

वह रोज गरीबी रोता है
वह दिन मेरी रिक्शा ढोता है
जी तोड़ मेहनत करने पर भी
वह खाली पेट सोता है

वह दिन में लोहा सींता है
तनखा गांव में देता है
परिवार पालने को अपना
वह खाली पेट सोता है

कभी किसी के बर्तन करता है
कभी कहीं पे पेछा करता है
अपनी संतान पढ़ाने को
वह खाली पेट सोता है

वह खाली पेट होता है
वह बहुत सा करज़ा लेता है
वह गम भी नहीं जानता
क्योंकि वह खुश भी कहां होता है
उसे क्या बीमारी मारेगी
जो मर मर के जीता है
बड़े लोगों से विनती है
ऐसो को दबाना बंद करें
वह भी इंसान होता है
बस खाली पेट होता है
वह खाली पेट होता है।

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