“माँ”

माँ! तुम्हारे बारे में क्या कहना,

तुम हो हर दिल का गहना।

मुझे हमेशा तुम्हारे ही आँचल में है रहना,

माँ! तुम हमेशा मेरे साथ ही रहना।

तुम में ही सबकी जान है बसती,

तुम्हारे बिना ये दुनिया नहीं चल सकती।

मैंने कभी यह जताया नहीं,

तुम्हें कभी अपने गले से लगाया नहीं।

तुमसे बहुत प्यार करती हूँ मैं,

भले ही कभी दिखाया नहीं।

कभी-कभी गुस्से में चिल्ला देती हूँ मैं,

लेकिन इस गलती के लिए ख़ुद को भला बुरा कहती हूँ मैं।

तुमने बहुत किया है मेरे लिए,

तुमने बहुत कुछ खोया है मेरे लिए।

मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूँ,

और तुम्हें खोने से भी डरती हूँ।

तुम्हारा कर्ज़ मैं कैसे चुका पाऊँगी?

जो तुमने मेरे लिए किया, उसको मैं कभी नहीं भुला पाऊँगी।

मैं जल्दी से होना चाहती हूँ इस लायक कि कर सकूँ तुम्हारे सारे सपने सच,

यही दुआ करती हूँ ईश्वर से कि खुश रहो तुम हर वक़्त।

माँ! तुम हमेशा मेरे साथ रहना,

भले ही मुझे डांटती रहना।

तुम्हें कुछ दे सकूँ, इतनी नहीं है मेरी औकात,

बस इतना चाहती हूँ कि तुम्हें मिलती रहे खुशियों की सौगात।

बस एक जगह और साथ मांगती हूँ,

तुम समझो मुझे, इतना मैं चाहती हूँ।

विश्वास करो मुझपे, तुम्हारा नाम कभी नहीं डुबाऊंगी,

विश्वास करो मुझपे, तुम्हारा और पापा का नाम ज़रूर ऊंचाईयों पे ले जाऊँगी।

मेरी गलतियों के लिए मुझे माफ़ कर देना,

और हमेशा मेरा साथ देना।

तुम्हारे साथ के बिना मैं कुछ भी नहीं हूँ,

अगर तुम साथ हो तो मैं हमेशा खुश हूँ चाहे मैं कहीं भी हूँ।

-निशा जाटव 💙

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