माँ मेरी जान है तू

मुझे चोट लगे तो दर्द तूझे होता
मुझे भुख लगे तो एहसास तूझे होता
मेरी छोटी छोटी बातों का परवाह तूझे होता,
मेरी हर आसुओं का किमत तुझे होता
मेरी होठों की मुस्कान का ख्याल तूझे होता,
मेरी हर दर्द को अपना बना लेती है तू
मुझे कोई कुछ ना बोले ढाल बन जाती हैं तू,
आखिर माँ है न तू मेरी
ऐ माँ मेरी जान है तू
माँ तेरी परछाई हूँ मैं
.. काजल मिश्रा..

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