पल

कुछ हसीन पल,
कुछ खट्टी मीठी यादें,
हां करने से पहले ही,
तेरे ना करने के इरादे,
ना जाने क्यों इतने बहाने,
हम तो जैसे तुझको ही फंसाने वाले,
कुछ रंग बिरंगे नजारे,
तेरी आंखों के इशारे,
वह कुछ क्षण का इंतजार,
करना था मुझे इज़हार,
अब इतना भी ना करो अत्याचार,
आ जाओ ना मेरे यार ||
– जाह्नवी बत्रा

Spread the love