नारी शक्ति

“नारी- प्रीत में राधा बने, गृहस्थी में बने जानकी,
काली बनके शीश काटे, जब बात हो सम्मान की|”
यह वाक्य हमें साफ़- साफ़ बताते हैं कि नारी हर रूप धारण कर सकती है| वह केवल रूप ही नहीं धारण करती अपितु हर रूप में सक्षम भी होती है|नारी को कमजोर समझते हैं कुछ लोग, पर वे यह नहीं समझ पाते कि कि यह नहीं समझ पाते कि कि उनको जन्म देने वाली माँ को यह सब सहना पड़ा होगा- अगर वे समझते इस बात को तो कभी नारी को कमजोर नहीं समझते|
“”क्यों हो तुम दबी दबी
आंसुओं से भरी भरी,
इस दुनिया ने न जानी तेरी कदर
फिर भी तुम इसके लिए हर बार मरी |
तुमने पाला तुमने पोसा
मगर तुम्हें इस दुनिया ने है हमेशा कोसा,
जो जान जाते कि जिस देवी
को पूजते हैं उनका अवतार है तू
तो ना होता इन्हें खुद पर भी भरोसा |
ना चाहे यह लड़कियों को पालना
मगर चाहे ये लड़कियों को पाना,
अरे नासमझ! तू अब ये समझ
कि क्या यह मुमकिन होता
बिना किसी लड़की के
किसी लड़के को इस दुनिया में लाना |
अगर तू चाहे तो इन कमजर्फों को खत्म कर सकती है
इनकी हर तकलीफों को बढ़ा सकती है ,
मगर ऐ स्त्री ! तेरी ममता है इतनी अनोखी
कि तू इन्हें दुख में भी नहीं देख सकती |
अब समझा तू इस जमाने को
कि ना ले यह परीक्षा तेरी,
वरना ना डरेगी तेरे अंदर की काली,
ना ही चुप बैठे गी चुप बैठे गी तेरे अंदर की देवी|””
यह पंक्तियाँ लिखने का मेरा उद्देश्य लोगों को जागरूक करना था कि सहना ना सिखाए अपनी बेटियों, बेहनो और माँ को, उन्हें लड़ना सिखाएं|

Spread the love