दीदार

 

आज रात जागे रहना, कुछ ख्वाब सोने को है
आँखों में चमक नयी है, दिल की आवाज खोने को है
मन-मयूर बन रहा है राजा, सिर पर ताज होने को है

मन में छायी उदासियों से दूर, खुशनुमा मौसम हो रहा है,
मचलते से दिल को अब इंतजार रात का है
आज रात जागे रहना, कुछ ख्वाब सोने को है

तरंग जो उठ रही दिल में, लहराती हवाओं सी,
दीदार होने वाला सनम का, दिखी है अभी परछाई ही,
आँखों में चमक नयी है, दिल की आवाज खोने को है

हुआ है दीद अब सनम का, दुनिया अलग हो गयी,
चाहत की ये बात निराली, मेरा दिल मेरा रहा नहीं
मन-मयूर बन रहा है राजा, सिर पर ताज होने को है

Krishan Kant Sen

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