चुपके चुपके तुमसे प्यार हो रहा है।

सुलगती धूप में हम तड़प रहे हैं
तेरी एक बूंद के लिए हम तरस रहे हैं
सुबह शाम तेरी आस लगाए बैठे हैं
हम तेरे लिए नजरे बिछाए बैठे हैं।

बादलों के आकाश में घिरते ही
मन उछलने लगता है
पर उनके पानी बिना बरसाए जाते ही
वो मन ढलने लगता है।

छतरी लिए तेरा इंतजार हो रहा है          छोटी छोटी नावें बनाए तुमसे प्यार हो रहा है मेरा यह मन तुझे महसूस करने के लिए   तैयार हो रहा है                                      ए बारिश तुझसे चुपके चुपके प्यार हो रहा है।

_ निकिता लाहोटी

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