खामोशी

 

 

 

तेरे खामोशी से डर लगता है मुझे

कि कहीं खो ना दु तुझे

तेरी खामोशी मुझे राख कर देगी एक दिन

तू एहसास जारी तो कर एक दिन

तेरी खामोशी को मुस्कुराहट में बदल दूंगी

तू एक बार बोल तो सही

वो तेरी खामोशी मे फ़साना ढूंढ लेती

शातिर है दुनिया एक बहाना ढूंढ लेती

चलो अब जाने भी दो

बात को जुबा पे भी ला दो

अपनी खामोशी मुझे बता भी दो

क्यू रूठे हो तुम. ये बात बता भी दो

यू छोटी छोटी बातो पे रूठा न करो

मेरे आँखों मे आंसू आ जाते हैं

यू तो तुमने ख्वाब दिखा दिया

पर पूरा होते वक़्त कहाँ चले गए

तु मुझसे रूठा क्यों है

एक बार बता तो सही

तुम्हारी खामोशी को मुस्कुराहट मे बदल दूँगी

एक बार तु बोल तो सही

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