काश तु एक किताब होती

काश तु एक किताब होती ए जिंदगी

तुझे पढ़ता और उसे अपने जीवन मे उतारता

जोड़ता उन पन्नो को

जिंहोंने मुझे हसाया है

मेरे गम मे मेरा साथ निभाया है

हिसाब भी लागाता ए जिंदगी

कि कितना खोया है, कितना पाया है

अपने टूटे अरमानो को सजोता

फिर उन पलो को याद कर मुस्कुराता

जिंदगी के खूबसूरत पलो को सवारता

काश तु एक किताब होती

बहुत कुछ सिखाया है तूने ए जिंदगी

अपनी खवाईसे को दवाना सिखाया है ए जिंदगी

काश तु एक किताब होती ए जिंदगी

तुझे पढ़ता और उसे अपने जीवन मे उतारता

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