ए दोस्त

ए दोस्त तु बड़ा याद आता है ,

एक बार मिलने तो आ।

जैसे तुझे आते हैं न जाने के बहाने

एक बार इन बहानों को छोड़

तु मुझसे मिलने तो आ।

दूर थे हम दूर थे तुम ,

पर मेरी उमीदों को जगाने के लिए तो आ ।

चलते वक़्त के साथ ,

तू भी साथ चल ,

उसमे सिमटने की कोशिश ना कर।

ए दोस्त तु बड़ा याद आता है,

एक बार मिलने तो आम

तुझसे न अब कोई गिला शिकवा है ,

बस तुझे देखने की तमन्ना है।

मै गुजरे पल को सोचू ,

यादों का पुरिया खोलू तो,

सिर्फ तुम ही तुम याद आते हो ।

ए दोस्त तु बड़ा याद आता है,

एक बार मिलने तो आ।

Spread the love