आज मुझे जी भर के रोने दो

तेरे  वो बातों को भुलाना है

तेरा वो बात बात पर झूठ बोलना

सब जानते हुए भी झूठ को सच मानना

अब सारे सच को मानने दो छोडो़ ना

आज मुझे जी भर के रोने दो, 

मेरी याद  तुझे ना आना

तेरी याद आने पर मेरा रो – रो कर तकिया भिगोना, 

तेरा मुझसे प्यार नहीं समय बिताना

अब मुझे इस सच को मानने दो छोडो़ ना

आज मुझे जी भर के रोने दो

… काजल मिश्रा… 

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