शुरुआत

मुश्किल हालात हैं लेकिन चलना फिलहाल है
मंजिल दूर है अभी, बस हौसले का ही साथ है।

अपने और पराये, सभी के मायने समझ आएँगे
कुछ वक्त की बात है फिर एक एक करके सबके मुखौटे उतर जाएँगे।

होगा ऐसा भी एक न एक दिन, जब मेरी हिम्मत जवाब दे जाएगी
याद आएंगी वो सारी रातें, जब बुरे वक्त में हिम्मत जुटाई थी।

आसान नहीं है यह सफर, इतना तो एहसास है
मंजिल होगी बेहद खूबसूरत, तो क्या हुआ अगर आज आखों में नमी बेहिसाब है।

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