(रक्षाबंधन स्पेशल) इस बार मेरी बहन की भरी होगी कलाई

आज मैंने
नुक्कड़ पर ,एक भाई राखी खरीद ते हुए देखा!
आपकी भाषा में अमीर नहीं होगा वो,
पर आज मुझे दिल का बहुत अमीर लगा वो,,
देख कर उसे बहुत कुछ दिमाग में आया,
जब बात की उससे तो असली मुद्दा है सामने आया
बोला – कितने महीनों से मेरी बहन Corona Ward में ड्यूटी पर है,
एक बार भी घर नहीं आई,
रक्षा हम नहीं वो कर रही है,
फोन पर ही थोड़ा समय बात होती है
फिर राखी की हकदार तो वह ही है,
उसे राखी खरीद ते हुए देख मुझे बहुत खुशी हुई,
कहता पता नहीं उसे छुट्टी मिलेगी या नहीं,
पर इस बार उसकी कलाई पर मै यह राखी बांधुगा तो सही,,
उसकी कुर्बानी के आगे सोने की राखी भी कुछ नहीं,,
जाते जाते बोल कर गया वो –
इस बार राखी पर भरी होगी मेरी बहन की कलाई,
भरी होगी मेरी बहन की कलाई।।

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