यू-टर्न

*यू-टर्न*

राहुल रोज रात का सफर किया करता था। हर बार जब भी अजयनगर से होकर निकलता तो उसे एक सड़क मिलती थी। जहाँ पर आगे जाकर हमेशा यू-टर्न का संकेत मिलता था, जहाँ से वह पुन: लौट जाता था। क्योंकि उस यू-टर्न के आगे कोई घर नहीं होते थे। वहीं से आगे रास्ता जंगल से होकर गुजरने वाला होता था।

ऐसे ही एक बार वह रात्रि में बाइक से यात्रा कर रहा था। रोज वह लगभग 10-12 किलोमीटर की दूरी पर यू-टर्न के पास पहुँच जाता था। आज वह 18 किलोमीटर की दूरी तय कर चुका था, लेकिन यू-टर्न अभी तक भी नहीं आया था। उसे असमंजस हुआ। लेकिन उसे घर अभी भी दिखाई दे रहे थे। रास्ता ऊबड़-खाबड़ सा हो चला था। लगभग 25 किलोमीटर की दूरी फिर भी तय हो चुकी थी। लेकिन आज घर खत्म नहीं हो रहे थे। उसनें आज बिना यू-टर्न के ही वापस मुड़ने का निर्णय लिया। लेकिन ये क्या, वो जब वो वहाँ से मुड़ा, तो उसने देखा कि यहाँ तो पूरा जंगल है, रास्ते का भी कोई नामोनिशान नहीं। लेकिन पीछे देखा तो वहाँ वही घर बने हुये थे और वहीं थोड़े आगे वही यू-टर्न का संकेत था। अब उसे डर लगने लगा था। उसका गला सूख रहा था। डर के मारे उसके प्राण हलक में अटक रहे थे। तभी कहीं से पायल की आवाज सुनाई देने लगी। अब तो वो डर के मारे बाइक वहीं छोड़कर उल्टे पैर दोड़ने की कोशिश करने लगा। तभी आराध्या नें उसके ऊपर पानी फेंका और वह नींद से जाग गया। उसे जब यह महसूस हुआ कि ये सब सपना था, तब जाकर उसकी सांस में सांस आयी।

Krishan Kant Sen

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