मैं जीतूँ तो तुझे पाऊँ और हारूँ तो तेरा हो जाऊँ

एक शर्त पर खेलूँगा ये प्यार की बाज़ी सुन लो जी,
मैं जीतूं तो तुझे पाऊँ और, हारूँ तो तेरा हो जाऊँ……!!!

अपनी बातें मनवाने की जो तुमने मन में ठानी है,
नया नहीं है कुछ भी इसमें, ये तो बात पुरानी है।
बाबू शोना जानू कहके तुमने जो बहलाया है,
मान लिया हमने भी कहना, सबकी यही कहानी है।
मुझको है कुछ फ़र्ज़ निभाने, शादी हो या पढ़ाई हो,
साथ तुम्हारे चलूँगी कहकर तुम दूर मुझे ले आयी हो,
संग मेरे परिवार भी है मैं, संग उनको कैसे लाऊँ,
मैं जीतूं तो तुझे पाऊँ और, हारूँ तो तेरा हो जाऊँ……!!!

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