मेरा खुला आसमान

पापा बच्चों के लिए उनका खुला आसमान है,
पापा आस पास‌ हो तो मुझसे भरपूर जान है
मेरे हर सपने को वो अपना‌ बना कर जीते हैं,
मैं कुछ मांगू तो जेब खाली हो तब भी लाकर देते हैं।

मेरे रूठ जाने पर एक बस उन्हीं को फर्क पड़ता है,
मैं गुमसुम बैठी रहूं कोने में ये उन्हें कहा पचता है।
मुझे हंसता बसता देख कर वो हर गम भूल जाते हैं,
मां की तरह पापा कहां अपना प्यार दिखा पाते हैं।

भले ऊपर से कठोर रहें हमेशा वो मगर
सबसे ज्यादा भावुक घर में एक वही इंसान है,
जो दिखाता नहीं कभी अपनी मजबूरी मगर
हमारी परवाह हरदम खाती उसकी जान है।

बढ़ती उम्र,और देख कर उनके चहरे की झुरियां,
मुझे उनकी और चिंता होने लगती है,
हर शाम अकेले आंगन में बैठे-बैठे
ना जाने पापा की‌ कौन सी उधेड़बुन होने लगती है,
पापा के बिना तो जिंदगी जैसे खाली सी लगती है।

पापा साथ हैं तो मैं सब कुछ कर सकती हूं,
पापा साथ हैं तो मैं गम में भी हंस सकती हूं,
मेरे सर पर उनका हाथ है तो मैं ज़हान जीत सकती हूं,
बहुत अच्छा महसूस होता है जब कोई कहता है
कि मैं मेरे पापा जैसी दिखती हूं।

-प्रियंका सिरसवाल

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