मुझे उसकी तलाश है

मै जब सागर किनारे बैठ देखु

उस किनारे का सपना

जो उस किनारे से मिलवा दे

मुझे उसकी तलाश है

मै जब पर्वत नीचे बैठ सोचु

शिखर पर जाने का सपना,

उस शिखर तक पहुँचा दे

मुझे उसकी तलाश है

मैं जब रात में सोकर देखूँ

मजिंल पाने का सपना

मुझे मेरी मजिंल से मिलवा दे

मुझे उसकी तलाश है

हाँ मुझे हर महीने, हर घड़ी, हर दिन,

हर सप्ताह, हर घण्टे, हर पल बस उसकी तलाश है,

हाँ मुझे उसकी तलाश है

… काजल मिश्रा…

 

Spread the love