पुरुषों की मानसिकता

आज के समय में ये बहुत जरूरी है कि पुरुषों को महिलाओं को अपने साथ-साथ आगे बढ़ाना चाहिए अगर ऐसा होगा तो हमारा समाज बहुत जल्द ही विकसित देशो में से एक होगा।

मगर अफशोश ऐसा सोचना बहुत आसान है पर ऐसा होना बहुत मुश्किल सा ही नजर आता है।क्योंकि हमारे समाज ने पुरुषों की परवरिश ही इस तरह से की है कि वो कभी भी महिलाओं को अपनी बराबरी नहीं देख सकते पुरुषो के लिए महिलाये हमेशा उनकी नजरों में कम अक्ल और घर के काम-काज के लिए ही बनी है।

हालांकि आजकल महिलाएं हर काम में तरक्की कर रही है पर पुरुषों की मानसिकता अभी तक परिवर्तित नहीं हुई है।जो महिलाये घर के साथ-साथ बाहर भी कार्य करती है उन्हें अपने लिए समय ही नहीं मिल पाता है क्योंकि हमारे समाज में पुरुषों के लिए घर के काम करना बहुत ही शर्मनाक माना जाता है और अगर वो बाहर कार्य करते है वो बहुत ही गर्व की बात होती है जबकि महिलाओं के घर और बाहर दोनों जगह कार्य करने के बाबजूद उनका अस्तित्व फिर भी कई सवालों के दायरे में रहता है।

हालांकि कई पुरुष बदलते वक्त के हिसाब से अपनी मानसिकता में परिवर्तन लाए हैं और महिलाओं का बराबरी से साथ भी देते है चाहे वो घर का कार्य हो या बाहर का और ऐसे दोनों के एक साथ एक दूसरे का साथ देने से जीवन खुशनुमा होता है और खुशियां ही हमेशा हर इंसान को आगे बढ़ने में प्रेरित करती है।मानसिकता का बदलाव सच में हमारे देश की प्रगति का महत्वपूर्ण कारण बनेगा।

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