नारी

नारी तू महान है, भले ही समाज पुरुष प्रधान है,

पर नारी तू महान है

तू  मरियम है सीता है राधा है

बिन तेरे ये संसार आधा है।

हर युग में तेरी एक पहचान है,

तू रानी लक्ष्मी बाई तू ही रज़िया सुल्तान है

नारी तू महान है।

बना ले ख़ुद को थोड़ा कठोर,

अपने पाँव की बेड़ियों को अब तू तोड़।

ख़ुद में एक नए अलख जगा,

ख़ुद को औरो से अलग बना

ख़ुद में ज़रा कर बदलाव

कुरीतियो से कर अलगाव

संभल कर चल पग पग पर तेरा इंतेहान है।

नारी तभी तो तू महान है।

खाँन अतिया रफ़ी

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