तेरा यूँ (9/12)

हल्की शरारतों में तेरा यूँ मुझें छेड़ना,
ग़लत बातों पर तेरा यूँ मुझें टोकना,
अनजान राहों पर चलने से तेरा यूँ मुझें रोकना,

तलाशता हूँ मैं,
इस वीरनेपन मे
तेरी यादों के संग…तेरी यादों के संग…
©Manthan Prateek

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