तू

तू जो भी है, जैसी भी है,
जितनी खूबसूरत है, उतनी हसीन है,
तू महकते हुए गुलाब से कम नही,
तू किसी झनकार से कम नही।

तुझमे अदब है, नज़ाकत है,
जो तेरी हंसी है, जो तेरी मुस्कुराहट है,
वो किसी शायर के लफ़्ज़ों से कम नही,
तू किसी फनकार से कम नही ।

तू नशा है, तू सनक है,
तेरी मौजूदगी में मेरा मन मदमस्त है,
तू किसी खूबसूरत सपने से कम नही,
तू मेरी चाहत से कम नही ।

मेरा दर्द तेरी तकलीफ है,
मेरी खुशी तेरी आहलाद है,
मेरे हार जीत तेरी अहमियत कम तो नही,
तू मेरे लिए कोई नज़्म से कम नही।

तू मेरा इश्क़, मेरा प्यार है,
मेरी मोहब्बत, मेरा तकरार है,
तू मेरी बेचैन रातों में राहत से कम तो नही,
तू मेरी मरहम से कम तो नही।

तू है और तू नही भी,
मेरे पास और मुझसे दूर भी,
तू मेरी खुशियों के पिटारे से कम तो नही,
तू मेरी लिए ग़मों के सैलाब से कम नही।

तू जहां, जैसी है,
अपनी दुनिया मे मसरूफ है,
तू किसी एहसास से कम तो नही,
तू एक सोच से कम नही।

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