कशमकश

ख्वाइश थी, उसे साड़ी में देखने की,
शर्त थी, कयामत की दिन मिलेंगी,
हक़ीक़त था, वो लाल जोड़े में थी,
अफशोश था, किसी और की अमानत थी,
हालात थी, सम्मान बचाने की,
मजबूरियां थी, साथ छोड़ जाने की,
इरादे थे, सबको मना लेने का,
हताशा था, बिछड़ जाने का ।

©Manthan Prateek

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